अपने देश के लिए खड़े हों
भारत में, आप देखेंगे कि लेफ्ट लिबरल्स भारतीयों के अपनी पुरानी संस्कृति का सम्मान करने को राष्ट्रवाद कहकर मज़ाक उड़ाते हैं। अपने देश के लिए खड़ा होना पीछे की ओर जाने वाला काम है। अगर आप हर समय देश की बुराई करते हैं तो आप देशभक्त हैं। इसे कभी भी स्थिर और स्थिर न होने दें। भारत के खिलाफ़ अपनी बुराई में लगातार बने रहें। नेताओं को गाली दें और उनके किए गए अच्छे कामों को कभी स्वीकार न करें। इंटरनेशनल मंचों पर जाएं और दुनिया को बताएं कि आपका देश कैसे नीचे जा रहा है। हमारे नज़रिए में इस सोफिस्टिकेशन की कमी की वजह से ही हम आज ऐसे बने हैं। हमें अपने देश के प्रति कोई ज़िम्मेदारी का एहसास नहीं है। हम मानते हैं कि टैक्स देना हमारा काम है और चीज़ों को ठीक करना सरकार का काम है। लेकिन हम यहीं नहीं रुकते। हम एक देश के तौर पर अपनी समस्याओं को दुनिया के सामने बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। हम इस बात से संतुष्टि चाहते हैं कि हमने अपने ही देश के खिलाफ़ बात की है और यही हमारे लिए सबसे बड़ी इज़्ज़त है। यह आगे की सोच नहीं है। यह असल में पीछे की सोच है। रोज़ाना अपने आस-पास दिखने वाली प्रॉब्लम में हिस्सा न लेकर और ...