33 करोड़ देवी देवता ?
33 करोड़ देवी-देवता मंदिर में नहीं, आपकी पीठ में बैठे हैं। विज्ञान भी मान गया। जी हाँ। हमें बचपन से सिखाया गया - 33 करोड़ देवी-देवता होते हैं। पर यह अधूरा सत्य है। सत्य यह है - 33 करोड़ नहीं, 33 कोटि। और कोटि का अर्थ होता है - प्रकार, श्रेणी। शास्त्र कहते हैं - 8 वसु + 11 रुद्र + 12 आदित्य + 1 इंद्र + 1 प्रजापति = 33 कोटि। और परम आश्चर्य यह है कि वही 33 प्रकार आपकी पीठ में, आपकी रीढ़ में विराजमान हैं। बाहर नहीं, भीतर। आज उसी भीतर के ब्रह्मांड को, पूरी श्रद्धा के साथ विज्ञान की भाषा में समझने का एक छोटा सा प्रयास कर कर रही हु। 1. जन्म का पहला सत्य - आप 33 हड्डियां लेकर आए हैं आधुनिक विज्ञान जिसे Vertebral Column कहता है, हमारे ऋषियों ने उसे ब्रह्मदंड, मेरुदंड, ज्ञानदंड कहा। माँ के गर्भ में जीवन का निर्माण कैसे होता है? सबसे पहले दिल नहीं बनता। सबसे पहले बनती है एक छोटी सी रेखा - Neural Tube - मात्र 3 सप्ताह में। उसी एक रेखा से आपका पूरा शरीर बनता है। इसीलिए वेदों ने इसे कहा - ब्रह्मदंड - ब्रह्मा की वह छड़ी जिससे सृष्टि बनती है। यह कविता नहीं, शरीर विज्ञान है। जब आप जन्म लेते ...