Winning without firing a bullet

 पिछले साल के गलवान मुद्दे के बाद भारत सरकार ने चीन की कई apps पर ban लगाया था। सिक्युरिटी concern का हवाला दे कर।


तब अधिकतर लोग ये कह रहे थे कि इससे हासिल क्या होगा, और apps तो लोग vpn से access कर लेंगे, ऐसे में ये कदम बकवास है, और सरकार ने knee jerk reaction दिया है, शायद वोट के लिए या लोगो के अंदर देशभक्ति की भावना को encash करने के लिए।


खैर जितने मुह उतनी ही बातें 😊😊


मुद्दे की 2 ही बातें थी

1. चीन को कड़ा सबक सिखाना था, बिना गोली चलाए

2. भारत के startups को मौका देना था आगे बढ़ने का


चीन और भारत की सेनायें  LAC पर कई महीने आमने सामने खड़ी रहीं, और इस बीच चीन की बड़ी app development कंपनियो को लगभग 60 Billion USD का नुकसान हो चुका था । अब उन्हें दूसरे देशों में अपनी apps को register करा कर launch करना पड़ रहा है, डेटा स्टोरेज को लेकर भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन apps से चीन बहुत revenue कमाता था भारतीयों से, अब वो बन्द हो गया। सरकार और जनता के एक कदम से चीन को आर्थिक झटका लगा.....ये लगभग उतना था जितना उन्होंने CPEC में पिछले 8-10 सालों में इन्वेस्ट किया था।


अब दूसरी बात, इस ban से भारतीय app डेवलपमेंट कंपनियो को मौका मिला, और उन्होंने इसे हाथों हाथ लिया भी। इस वजह से आज


- भारत मे उपयोग होने वाली 60% सोशल मीडिया apps भारतीय कंपनियों द्वारा बनाई गई हैं।

- भारत मे उपयोग होने वाली लगभग 70% apps अब भारत मे ही बनाई जा रही हैं।

- गूगल प्लेस्टोर पर अब भारतीय apps का शेयर 5% हो गया है, अमेरिका का 6% है।


इसे कहते हैं बिना गोली चलाये शिकार करना, और इसमे जनता ही शिकारी है.....आपके सहयोग के बिना ये संभव नही था।

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