बच्चों को बाज़ बनायें ब्रॉयलर मुर्गा नहीं

 कुदरत ने सभी परिंदों की बनावट को लगभग एक जैसा बनाया है।


दो पंजे दो बाज़ू एक गर्दन  दो आँखे ऐसा कोई परिंदा नही जिसके चार बाज़ू हो।


क्या आप जानते है इन  सब से अलग एक परिंदा है बाज़ जिसे हम ईगल और उर्दू में शाहीन भी कहते है ।


जिस उम्र में बाक़ी परिंदों के चूज़े चेच्याना सीखते है 


उस उम्र में एक मादा बाज़ अपने चूज़े को अपने पंजो में दबोच कर आसमान में बहुत ऊपर ले जाती है 


इतना ऊपर जितनी ऊपर हवाई जहाज उड़ा करते है ज़मीन से तकरीबन 10000 मीटर ऊपर  और यहाँ तक पहुंच ने में उसको तकरीबन 15 मिनट का वक़्त लगता है ।


इस ऊंचाई पर जाकर वह एक स्थिति में स्थिर हो जाती है । 


 A highest distance from earth where  a natural creature can fly 

और फिर शुरू होति है दुनिया की सबसे खतरनाक ट्रेनिग चूज़े को अब यह सिखाया जायेगा की तू क्यों इस दुनिया में आया है ।


तेरी दुनिया क्या है तेरी ऊंचाई क्या है तेरा धर्म क्या है ।


तेरा धर्म तो आसमान की बुलंदियों में उड़ाने भरना है 


मकानों की मुंढेरो पर बैठ कर ची ची करना नही ।


और फिर मादा अपने इस नन्हे चूज़े को अपने पंजो से छोड़ देती है ।


इस ऊंचाई से तेज़ी से नीचे आते वक़्त 2 कीलोमीटर तक चूज़े को यह नही समझ आता की उसके साथ हो क्या रहा है।


7 कीलोमीटर के अंतराल के आने के बाद उस चूज़े के पंख जो kanzain से जकड़े होते है खुलने लगते है ।


तकरीबन 8 किलोमीटर के बाद पंख पूरे खुल जाते है और यह उसका पहला सबक होता है 

जहाँ से वोह बाज़ का बच्चा पंख फड़फड़ाता है 


और उसे यह अहसास होता है की वोह कोई आम चिड़या नही बाज़ का बच्चा है ।


अब वोह धरती से 3000 मीटर दूर है लेकिन अभी वोह उड़ना नही सीख़ पाया है । 


अब वोह और नीचे आता है 700 से 800 मीटर जहाँ से वोह देख सकता है

की ज़मीन की दुरी उससे बहुत कम बची है ।


लेकिन अभी वोह उड़ना नही सीख पाया है ।उसके बाजू अभी इतने मज़बूत नही की वोह उड़ सके 


ज़मीन से उसकी दुरी महज़ 400 से 500 मीटर बाक़ी रहने पर उसे लगता है की अब उसकी जिंदगी के कुछ आखरी पल बाक़ी बचे है 


और यह सफर उसकी जिंदगी का आखरी सफर है ।


फिर अचानक एक पंजा आकार उसे अपनी गिरफ्त में ले लेता है 


और अपने पंखों के दरमियान समां लेता है ।


और यह पंजा उसकी माँ का था जो ठीक उसके ऊपर चिपक कर उड़ रही थी। 


और यह थी उस बाज़ के चूज़े की पहली  ट्रेनिंग और यह निरंतर जारी रहती है जबतक वोह उड़ना नही सीख जाता ।


यह ट्रैनिंग बिल्कुल कमांडो की तरह होती है।

High pressure and miximum risk ।


तब जाकर मिलता है 


दुनिया को एक शाहीन एक बाज़ जो वायु की दुनिया का अघोषित बादशाह कहा जाता है। 

और आसमानों को बुलंदियों पर हुकूमत करता है । एक वक़्त आता है जब वोह अपने से दस गुना वज़नी जानवरो का शिकार करता है ।


अपने बच्चो को अपने सीने से चिपका कर ज़रूर रखिये पर एक शाहीन की तरह  उन्हे दुनिया की मुश्किलों से रूबरू कराइये ।


उन्हे हालात से लड़ना सिखाय बीना जरूरत संघर्ष करना सिखाये ।


यह टीवी के रियल्टी शो और वीडियो गेम  अंग्रेज़ी स्कूल की बसों ने आप के बच्चो को ब्रायलर मुर्गे की तरह बना दिया है ।


जिसके पास टांगे तो है पर चल नही सकता मज़बूत बाज़ू तो है पर उड़ नही सकता ।


गमले में लगे पौधे और जंगल में लगे दरख़्त में बहुत फर्क होता है।


आजकल keyboard warrior सोचते है ब्लू टिक मिल गया तो वोह ज्ञानी celebraty बन गए 


"ज्ञानी" होने पर,

 "शब्द समझ" में आते हैं...


और "अनुभवी" होने पर,

उनके "अर्थ"......!

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